
Monday, February 23, 2009
Saturday, January 24, 2009
Friday, January 23, 2009
IMPACT (very imp)
Yesterday In Loksabha Session At around 4.48 pm Following Dscussion Done Where Letters And Feeling Of OUR Were Discussed.1648 बजे
श्री अनंत गंगाराम गीते (रत्नागिरि): महोदय, मुंबई में आतंकी हमले के बाद पूरे देश में एक क्रोध उभर आया और देश की जनता का क्रोध इतना बढ़ गया है कि अब सरकार भी उस क्रोध का एहसास करने लगी है, इसीलिए सरकार की ओर से गृहमंत्री जी ने ये दो विधेयक, नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी बनाने संबंधी विधेयक और अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन अमेंडमेंट बिल सदन के सामने रखे हैं। इन दोनों विधेयकों पर चर्चा आज यहां हो रही है।
महोदय, आम आदमी में जो गुस्सा है, उसके कुछ उदाहरण मैं सदन के सामने रखना चाहूंगा। ऐसी अनेक चिट्ठियां हैं जो मुंबई और दिल्ली के पते पर मुझे और मुझ जैसे कई सांसदों के पास आई हैं। इन खतों में से अधिकतर खत महिलाओं द्वारा लिखे गए हैं। कुछ खतों को मैं यहां पर लाया हूं, जो मेरे पास पोस्ट से आए हैं। इनसे यह महसूस होता है कि देश का आम आदमी कितना क्रोधित है।...(व्यवधान)
अगर महिलाओं पर भी इनको आपत्ति हो, तो चर्चा करना बेमतलब है। मैं इन खतों को सदन के सामने रखने जा रहा हूं।
रेल मंत्री (श्री लालू प्रसाद) : आपकी सेना ने क्या किया है।
श्री अनंत गंगाराम गीते (रत्नागिरि): मैं उसके बारे में भी बताने जा रहा हूं।
सभापति जी, एक खत है जिसे मैं पूरा न पढ़कर आखिरी पंक्ति पढ़ता हूं। “Attack Pakistan before they will again attack.” पाकिस्तान के फिर हमला करने से पहले उस पर अटैक करिये। नीचे लिखा है, From India’s daughter, Rupali Kadam साहस की बात यह है कि उसने अपना मोबाइल नम्बर दिया है। यह गुमनाम खत नहीं है। एक दूसरा खत है जो मराठी में है। इसे भी एक बहन ने लिखा है। मैं मराठी में इसे पढ़ता हूं, फिर हिंदी में आपको बता दूंगा। खत केवल दो लाइन का है। मराठी में यह खत लिखा है। ...(व्यवधान) इसमें लिखा है कि अलग-अलग भाषा, धर्म, जाति और पंतों से बना हमारा देश है, इस देश की जनता शांति और अमन चाहती है और आतंकवादी जो हमला हुआ है उसके खिलाफ पाकिस्तान के साथ युद्ध करें। इस प्रकार की इसकी भावना है। लिखने वाली महिला का नाम सुप्रिया वीरा काटकर है, उसने थाणे का एड्रेस दिया है और वह वागले स्टेट की रहने वाली है तथा उसने भी अपना फोन नम्बर दिया है। एक उमेश पाटिल है, उन्होंने भी इसी प्रकार से दो लाइन का खत लिखा है। “I am supporting our Government to attack Pakistan and my wishes to our soldiers. Jai Hind.” ऐसे ही ये सारे खत हैं। सुचिता पाटिल नाम की लेडी का भी एक खत है। जिन्होंने खत लिखे हैं, मैं केवल उनका नाम पढ़ता हूं। एक महिला हैं वीरा, यह उनका खत है, एक महिला अश्विनी वीरा हैं, यह उनका खत है। इतना क्रोध देश की जनता में है। इसीलिए जब हमने इस विषय पर चर्चा की, पहली बार, इस आतंकी हमले के खिलाफ, जैसे सारा देश युनाइट हुआ है, उसी तरह से यह सदन भी युनाइट हुआ है। इस सदन में उसी प्रकार से चर्चा हुई और सदन में हमने एक मत से एक रैजोल्यूशन पारित किया। हमने आतंकी हमले और पाकिस्तान की निंदा की और जो शहीद हुए उन्हें सदन में श्रद्धांजलि दी।
माननीय आडवाणी जी ने आज जब इस बहस को शुरू किया, उन्होंने उस दिन जो अपना वक्तव्य दिया था उसी को लेकर उन्होंने यहां पर अपनी बात को कहा। माननीय डीपी यादव जी जब यहां बोल रहे थे, बार-बार कह रहे थे कि आतंक से लड़ने के लिए कानून की जरुरत नहीं, यह कानून कुछ नहीं कर सकता, कानून के द्वारा हम उनसे टकरा नहीं सकते।
AGRALEKH PUBLISH IN PRATYAKSHA
AGRALEKH PUBLISH IN PRATYAKSHA
1 DEC 2008
हर हर महादेव
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/marathi/ed_mar.pdf
HAR HAR MAHADEV
(English)
http://www.manasamarthyadata.com/data/eng/ed_Eng.pdf
हर हर महादेव
(हिन्दी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/hindi/ed_Hin.pdf
00000000000000000000000000000000
3 DEC 2008
आता पुढे काय?
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/marathi/Ed_Mar_3rd_Dec.pdf
WHAT NEXT?
(English)
http://www.manasamarthyadata.com/data/eng/Ed_Eng_3rd_Dec.pdf
अब आगे क्या होगा?
(हिन्दी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/hindi/Ed_Hin_3rd_Dec.pdf
0000000000000000000000000000000000000000000000000
4 DEC 2008
सहकार करून सत्याग्रह
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/marathi/ed_marathi_4_12_08.pdf
(English)
Satyagraha
http://www.manasamarthyadata.com/data/eng/ed_english_4_12_08.pdf
(हिन्दी)
सहयोग के सत्याग्रह
http://www.manasamarthyadata.com/data/hindi/ed_hindi_4_12_08.pdf
०००००००००००००००००००००००००००००००००००
23 Dec 2008
मुहूर्त
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/23Dec_2008/Ed_Mar_23_12_08.pdf
THAT PRECISE MOMENT (MUHURTA)
(English)
http://www.manasamarthyadata.com/data/23Dec_2008/Ed_Eng_23_12_08.pdf
महूरत
(हिन्दी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/23Dec_2008/Ed_Hin_23_12_08.pdf
00000000000000000000000000000000000000
24 Dec 2008
काळ असा आहे की ...............
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/24Dec_2008/Ed_Mar_24_12_2008.pdf
SUCH ARE THE TIME...........
(ENGLISH)
http://www.manasamarthyadata.com/data/24Dec_2008/Ed_Eng_24_12_2008.pdf
ऐसे है हालात..............
(हिन्दी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/24Dec_2008/Ed_Hin_24_12_2008.pdf
०००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००००
25 Dec 2008
savadhan
(मराठी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/25Dec_2008/Ed_Mar_25_12_08.pdf
ALERT
(English)
http://www.manasamarthyadata.com/data/25Dec_2008/Ed_Eng_25_12_08.pdf
सावधान
(हिन्दी)
http://www.manasamarthyadata.com/data/25Dec_2008/Ed_Hin_25_12_08.pdf
0000000000000000000000000000000000000000000000000000
चरखा योजना
वस्त्र योजना अर्थात चरखा योजना
गरिबीमुले अंगभर नीट वस्त्रही घालता येत नाही अशी अवस्था प्रगतिशील भारतात आजही आहे. खेडेगावात राहणार्या सुमारे ४ कोटिहुन जास्त विद्याथार्नकड़े एकच गणवेश असतो. पुरेसे आणि टिकाऊ कपडे उपलब्ध नसल्याने शिक्षण पासून ती मुले वंचीत राहतात. गरजू विद्याथार्नकड़े आणि त्यांच्या परिवाराला आवश्यक कपडे पुरविण्यासाठी चरखा योजना जाहिर झाली.
अनिरुद्ध आदेश पथकाचे कार्यकर्ते स्वखर्चाने अम्बर चरखा विकत घेतात. त्यावर सूत कातातात. संस्था या सुतापासुन कापड तयार करते. या कपड्यापासून शालेचे गणवेश तयार केले जातात आणि त्यांचे विनामूल्य वाटप करण्यात येते.